आदर्श विद्यार्थी पर निबंध || Essay on an ideal student in Hindi |

अगर आप भी आदर्श विद्यार्थी पर निबंध (essay on ideal student) ढूंढ रहे है तो आप बिलकुल सही जगह पर आये है। इस ब्लॉग में आपको आदर्श विद्यार्थी पर निबंध के बारे में सम्पूर्ण जानकारी पर्याप्त होगी, इसे देखने के वाद आपको कही और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। adarsh vidhyarthi essay in hindi

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adarsh vidhyarthi essay in hindi

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध || Ideal student essay in hindi || adarsh vidhyarthi essay in hindi

विद्यार्थी जीवन को मानव की प्रमुख आधार शिला माना जाता है। यही वह समय होता है जिसमे वह भिन्न भिन्न प्रकार के गुण तथा अवगुण को अपनाता है और यही गुण अवगुण आगे चलकर उसके चरित्र का निर्माण करते है।

एक आदर्श विद्यार्थी परिश्र्म और लगन से अध्यन करता है। वह हमेशा अनुसासन को अपनाता है। अपने सद्गुणों वह माँ-बाप तथा विद्यालय का नाम ऊचा करता है। वह दूसरे विद्यार्थी के लिए हमेशा से एक ही प्रेरणा का स्त्रोत बनता है। एक आदर्श विद्यार्थी की सबसे अच्छी मित्र उसकी पुस्तक होती है। वह रोजाना की पढाई के साथ साथ सामान्य ज्ञान की भी पुस्तके पढता है।

एक आदर्श विद्यार्थी हमेशा अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी म्हणत को ही देता है। उसके अनुसार जो विद्यार्थी परिक्षम को महत्व देता है वही आगे चलकर जीवन में सफलता का स्वाद्ध चखता है। एक आदर्श विद्यार्थी समय का पावंद होता है। तथा हर कार्य समयनुसार ही करता है।

एक आदर्श विद्यार्थी अपने परिजनों अथवा गुरुजनो का पूर्ण आदर करता है। वह अपने से छोटो तथा बड़ो दोनों का सम्मान करता है। वह अपने सहपाठियो की मदद हेतु भी हमेसा तत्पर रहता है। आदर्श विधयर्थी बड़ो की आज्ञा का हमेशा पालन करता है। वह समय समय पर खुदनका आकलन कर खुद में आई कमियों को दूर करने का प्रयास करता है।

कोई भी विद्यार्थी केवल पुस्तकों के दम पर आदर्श नहीं बन सकता है , जिससे उसका सर्वागीण विकास को पता है। खेल-कूद व् व्यायाम के अतिरिक्त ानिये संस्कृति कार्यकलापों , वाद-विवाद प्रितियोगिता तथा विभिन प्रतियोगी में भाग लेने से उसमे एक नया उत्साह तथा नई विचारधारा विक्षित होती है जो उसके चरित्र व् व्यक्तित्व के विकाश में सहायक होती है।

आदर्श विद्यार्थी की विशेषताएं || adarsh vidhyarthi essay in hindi

एक आदर्श विद्यार्थी जन्म से आदर्श विद्यार्थी नहीं होता है वह अच्छे लोगो के साथ रहकर अच्छी शिक्षा पर्याप्त करके नाछे गुणों को अपनाकर ही एक अदार्श विधार्यार्थी बनता है।

जब भी कोई व्यक्ति एक कार्य को बार बार करता है तो उसमे कमर्ठ हो जाता है और उसको वह कार्य पसंद आने लगता है और आसानी सी हो भी जाया करता है और वह सफल हो जाता है। उसी प्रकार अगर कोई विद्द्यार्थी भी अगर बचपन से ही अच्छे को अपनाये तो वह भी जिंदगी के हर मोड़ पर कठनाईयो से लड़ता हुआ सफलता को पर्याप्त क्र सकता है।

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध

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आदर्श विद्यार्थी पर निबंध || Essay on an ideal student in Hindi |

विद्यार्थी शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- विधा +अर्थी अर्थात विधा को ग्रहण करने वाला। एक आदर्श विद्यार्थी वह होता है जो झूठ नहीं बोलता है , अपने गुरुजनो का सम्मान करता है। वह अपने माता पिता की आज्ञा का पालन करता है। वह अपने सभी मित्रो व् सहपाठियो के साथ प्रेम का व्यवहार करता है।

संस्कृत के एक श्लोक में विद्यार्थी के पांच लक्षण बताय गए है- काग चेष्टा, वक़ोढियंम, श्वान-निद्रा, तथैव च अल्पहारी, ग्रह-त्यागी। अर्थात विद्यार्थी को कौए की भांति सजग, ववुले के समान ध्यान मग्न तथा कुत्ते के समान थोड़ा सोने वाला होना चाहिए।

आदर्श विद्यार्थी आरम्भ से ही अपने सभी गुणों से विकास को ध्यान में रखकर, समयबृद्ध होकर जीवन पथ पर अग्रसर होता है तथा दूसरे के लिए आदर्श प्रस्तुत करते है।

आदर्श विद्यार्थी की विशेषताएं

1 ). कर्मठ – आदर्श विद्यार्थी जब कोई भी कार्य करता है तो वह उस कार्य को पूरा पूरा मन लगाकर करता है जिसके कारन वह हमेशा सफलता को पर्याप्त करता है इसी कारण वह पढाई में खेल में एवं अन्य छेत्रो में सफल हो जाता है क्योकि वह नियंत्रण उसके लिए कर्मठ पूरवक प्रयास कएटा रहता है।

2 ). ऊर्जावान – अच्छा विद्यार्थी हर दिन नई ऊर्जा के साथ उठता है वह कभी भी किसी प्रकार का अलग से नहीं करता है वह अच्छा भोजन खता है साथ ही योग और व्यायाम भी करता है जिससे उसका शरीर पुरे दिन ऊर्जा से भरा हुआ रहता है और उसका पढाई में बहुत मन लगता है।

3 ). जिज्ञासु – एक सफल विद्यार्थी का पहला रहशिये यही है की वह जिज्ञासु होता है क्योकि जिज्ञासु विध्यार्ती अपने शिक्षक से हर प्रकार के सवाल करता है और उनका जवाब हासिल करता है लेकिन जो विद्यार्थी शिक्षक से बात ही नहीं करता किसी भी प्रकार की सिखने की जिज्ञासा नहीं रखता तो वह सफल नहीं हो सकता है।

4 ). सकारात्मक – विद्यार्थी का सकारात्मक होना बहुत जरूरी है क्योकि जब तक विद्यार्थी सकारात्मक नहीं होगा तब तक किसी भी छेत्र में अपना शत-प्रतिशत नहीं दे पायेगा।

उम्मीद करते है आपको आदर्श विद्यार्थी निबंध हिंदी में पसंद आया होगा।

धन्यबाद

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