मेरी प्रिय पुस्तक पर निबंध (Essay on My Favorite book in Hindi)

आज हम आपको मेरी प्रिय पुस्तक पर निबंध(Essay on My Favorite book in Hindi) की सम्पूर्ण जानकारी पर्याप्त कराएँगे। अगर आप भी एक विद्यार्थी है तो आपके लिए ये निबंध 100% काम जरूर आएगा और अगर आप इसे पूरा पढ़ लेते हो तो हम इस बात की गॅरंटी लेते है, की आपको इसे पढ़ने के बाद आपको कही और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मेरी प्रिय पुस्तक में आज हम \’राम चरित्र मानस\’ की पुस्तक के निबंध के बारे में बताएँगे। नमस्कार दोस्तों, चलिए पढ़ते है।

My favorite book essay in Hindi– पुस्तक हमारे जीवन का वो हिस्सा है जो की हमारे जीवन सफल बनाने में अपना अहम् भूमिका निभाती है। पुस्तक ज्ञान का भंडार होती है। प्रतिदिन पुस्तक पढ़ने से मानव में शारीरिक, मानसिक गतिबिधियो में विकास होता है। पुस्तक पढ़ने से हम जीवन के सभी अहम् पलो को जान सकते है।

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Essay on My Favorite book in Hindi

meri priya pustak essay in hindi:

एक किताब एक सच्चे दोस्त, एक दार्शनिक और एक प्रेरक की तरह है। वे मनुष्यों के लिए अविश्वसनीय उपहार हैं। वे अपार ज्ञान और ज्ञान के स्रोत हैं। आप अपने जीवन में मार्गदर्शन के लिए पुस्तकों की ओर रुख कर सकते हैं। वे कई अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं और अतीत और वर्तमान के लोगों के साथ खुद को जोड़ने के लिए एक जादुई पोर्टल देते हैं। यह आपको ज्यादातर समय एक उद्देश्य और स्पष्टता के साथ जीने में मदद करता है। मन लगाने के लिए पढ़ना एक अच्छी आदत है। महान पाठक महान लेखक बनते हैं जबकि महान लेखक महान संचारक बनते हैं। इससे अच्छे समाज बनते हैं। किताबों के सकारात्मक पहलू अनंत हैं।

कुछ लोग किताबें पढ़ना पसंद करते हैं क्योंकि वे बहुत कुछ सीख सकते हैं। दूसरे लोग पढ़ना चाहते हैं क्योंकि वे सच्चाई से बच सकते हैं। साथ ही, अन्य लोग किताबों की महक और महक को पसंद करते हैं। यह कहानियों के लिए जुनून की खोज करता है।

हम एक ऐसी पीढ़ी में रहते हैं जहां आप एक हजार से अधिक किताबों, फिक्शन और नॉनफिक्शन में से जो चाहें चुन सकते हैं। चुनने के लिए इतने सारे विकल्प और इतने सारे स्रोत कभी नहीं थे। हर किसी के लिए कुछ ना कुछ है। सबसे पहले, यह कठिन है, लेकिन एक बार जब आप एक आदत बना लेते हैं, तो आप देखते हैं कि यह सब सार्थक है। किताबें हमारी आने वाली पीढ़ियों को ज्ञान देती हैं। यह दुनिया को बदल सकता है।

Essay on My Favorite Book in Hindi: \’\’Ramcharitmanas\’\’

प्रस्तावना:

इस दुनिया में बहुत सारी पुस्तक है। मेने अपने जीवन में बहुत सारी पुस्तकों का अध्ययन किया है। उन सभी पुस्तकों में श्री रामचरितमानस सर्वश्रेस्ठ है। यह पुस्तक हमें भगवन श्री राम के आदर्श चरित्र का अनुकरण करने की प्रेरणा देती है। यह पुस्तक राम राज्य स्थापित करने की उच्च भावना को जगाने वाली है।

रचना:

श्री रामचरितमानस की रचना गोस्वामी तुलसीदास जी के द्वारा की गयी है। यह अवधि भाषा का एक सर्वोत्कृस्ट महाकाव्य है की संसार की सभी समृद्ध भाषाओं में अनुदित हो चुकी है। इस पुस्तक को कवि तुलसीदास का अमर स्मारक माना जाता है।

रामचरितमानस की रचना चौपाई, दोहा, सोरठा, छंद एवं संस्कृत के सुन्दर श्लोको द्वारा हुयी है। रामचरितमानस को तुलसीदास जी ने सात काण्डो में विभाजित किया है। सात काण्डो के नाम इस प्रकार है- बालकाण्ड , अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड, और उत्तरकाण्ड।

रामचरितमानस का संक्षिप्त परिचय:

श्री रामचरितमानस में त्रेता युग के दौरान अयोध्या के दशरथ के पुत्र श्रीराम की सम्पूर्ण जीवनगाथा का वर्णन है। इस महाकाव्य के नायक श्रीराम और नायिका माता सीता है। इसमें श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम रूप का वर्णन किया गया है। माता सीता को एक आदर्श नारी में दिखया गया है। इसमें जीवन के हर पहलु को आदर्श रूप में प्रस्तुत किया गया है।

\’\’प्राण जाए पर वचन न जाई\’\’ पर आधारित रघुकुल आदर्श रीती का बखूबी वर्णन किया गया है।

श्रीरामचरितमानस को मानव हेतु अमूल्य निधि माना जाता है। इसमें पत्नी के अपने पति के प्रति, एक भाई को दूसरे बही के प्रति कर्तव्य के बारे में उल्लेख किया है। यह पुस्तक हिंदी साहित्य का वह सुगन्धित फूल है, जिसकी सुगंध से तन पुलकित सा हो जाता है। श्रीरामचरितमानस जैसे प्रभावशाली चरित्र चित्रण अन्य किसी भी हिंदी महाकाव्य में देखने को नहीं मिलता है।

श्रीरामचरितमानस से मिलने वाली प्रेरणा :

श्रीरामचरितमानस को पढ़ने से हमें सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याएं आदर्श तरीके से सुलझाने की प्रेरणा मिलती है। इसको पढ़ने से मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है और मानसिक शांति की प्राप्ति मिलती है। एक बार पढ़ने के बाद इसे पुनः पढ़ने को मन करता है। इसे पढ़कर राम राज्य रूपी एक आदर्श राज्य स्थापित करने की प्रेरणा मिलती है। इस पुस्तक के द्वारा हमें धर्म व् निति की रह पर चलकर आदर्श जीवन मूल्यों में वृद्धि करने की प्रेरणा मिलती है। श्रीराम और वीर हनुमान के रूप में भक्त और भगवन के बीच का अलौकिक अद्भुत संबंध वर्तमान में भक्ति का मार्ग अपनाने वालो का मार्गदर्शंन करता है।

उपसंहार :

श्रीरामचरितमानस साहित्यक और धार्मिक दृस्टि से उचकोटी की रचना है। यह अपनी श्रेष्ठा और भत्यता का परिचय खुद ही कराती है। यह एक आदित्य ग्रन्थ है, जी अत्यंत उपयोगी एवं शिक्षप्रद है।

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