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Essay on My School in Hindi

मेरी पाठशाला पर निबंध हिंदी | Essay on My School in Hindi

मेरे प्यारे दोस्तों, आज हम आपको मेरी पाठशाला पर निबंध (Essay on My School in Hindi) बहुत ही सरल भाषा में आपको बताएँगे। ये निबंध सभी स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

मेरी पाठशाला पर निबंध हिंदी Essay on My School in Hindi– पाठशाला/विद्यालय हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होता है। पाठशाला में पढ़कर ही हम बड़े बड़े सपने पुरे कर पाते है। पाठशाला ही हमें हमारे जीवन का मार्गदर्शन करवाती है।

मेरी पाठशाला पर निबंध– पाठशाला ज्ञान पर्याप्त करने का एक मंदिर होता है। पाठशाला में हमें ज्ञान पर्याप्त करने के अवसर है।

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Essay on My School in Hindi

Essay on My School in Hindi For class 1 to 10

Essay on My School in Hindi

शिक्षा हमारे जीवन का एक महत्वपर्ण और अनिवार्य हिस्सा है। हम बिना ज्ञान के कुछ भी नहीं है, और ज्ञान ही हमें दुसरो से अलग बनाता है। शिक्षा पर्याप्त करने मुख्य कदम खुद को किसी पाठशाला में अपना नाम नामांकित करना होता है। पाठशाला सिखने के मामले में सबसे पहले अपना स्थान रखता है। इसलिए शिक्षा पर्याप्त करने में पाठशाला पहला कदम रखता है।

मेरे घर के आलावा पाठशाला मेरा दूसरा घर है जहा मैं अपना अधिकांश समय बिताता हु। इन सबसे ऊपर यह मुझे अपने जीवन में बेहतर करने के लिए एक मंच प्रदान करता है और साथ ही मेरे व्यक्तित्व का निर्माण भी करता है। मैं अपने इलाके के सभी पाठशालाओं में से सबसे अच्छे पाठशाला में पढ़ने के लिए धन्यबाद महसूस करता हु। मैं हमेशा अपने स्कूल हर दिन बिताने के उत्सुक रहता हु। मुझे रोज स्कूल जाने, अपने दोस्तों से मिलने, शिक्षाको के बातचीत करने और नई नई चीजे सिखने काफी आनंद मिलता है। पाठशाला में मुझे शिक्षा के आलावा बहुत सी जरूरी चीजे भी प्रयाप्त है।

मेरी पाठशाला एक ऐसी जगह है जहा मैं सीखता हु, पढता हु, खेलता हु, मुस्कुराता हु और आनद लेता हु। इसने मुझे मेरे गुणों को पहचान कर इसे उभारा है और मैं अपने शिक्षो का हमेसा आभारी रहूँगा। मेरी पाठशाला एक ऐसी जगह है जहा मैं शिक्षित होता हु और साथ ही तरह तरह की एक्टिविटी भी करता हु जो की मुझे काफी अच्छी लगती है।

मेरी पाठशाला में सभी प्रकार की सुविधाए प्रयाप्त करवाई जाती है।मुझे अपने छात्रों और कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रदान की जाने वाली सभी बुनियादी सुविधाओं पर गर्व है। मेरे स्कूल में लड़कों, लड़कियों और स्टाफ के लिए अलग-अलग शौचालय हैं। सफाई कर्मचारियों द्वारा शौचालयों की नियमित रूप से दिन में दो बार सफाई की जाती है। इसके अलावा छात्रों के लिए पीने के साफ पानी की भी व्यवस्था है।

Essay on My School in Hindi [Short]

350 Words Essay on My School in Hindi

मेरे पाठशाला का नाम राजा भरत सिंह इंटर कॉलेज है। मेरा पाठशाला एक सरकारी पाठशाला है। मेरे पाठशाला में तीन मंजिले दो बिल्डिंग है, जिसमे एक बिल्डिंग में तो लड़किया पढ़ती है और दूसरी बिल्डिंग में सभी लड़के पढ़ते है। पाठशाला पूरी तरह से बंद है। मेरी पाठशाला के मुख्य द्वार पर एक बहुत बड़ा गेट है, जिसमे से सभी छात्र और अध्यापक अंदर आते और बहार जाते है।

मेरी पाठशाला में 9 अध्यापक और 4 अध्यापिका है, जो की हमें बहुत की प्यार से शिक्षित करती है। सभी अध्यापिका और अध्यापक बेहद ज्ञान पूर्ण से भरे हुए है, जिससे वे हमें बहुत ही आसान से पढ़ा और समझा देते है। इसलिए हमारे स्कूल का रिजल्ट हर साल 95% से ऊपर ही आता है। मुझे मेरी पाठशाला का अच्छा लगना मेरे सभी टीचर पर भी निर्भर करता है।

मेरी पाठशाला के हेडमास्टर श्री सचिन राठी बहुत ही शांत दिमाग के इंसान है। वे सभी छात्रों बेहद प्रेम से बात करते है और सभी टीचर का सम्मान भी करते है। लेकिन हमारे हेडमास्टर जी को स्कूल में अनुसासन पसंद है। यदि कोई पाठशाला का अनुसासन फॉलो नहीं करता तो उसे सख्त से सख्त सजा भी मिलती है।

मैं हमेशा अपनी पाठशाला का आभारी रहूँगा और हमेशा अपने कामयाब होने का श्रय अपने माता पिता और अपनी पाठशाला को जीवन भर देता रहूँगा। मैं पाठशाला को पास करके निकलने के बाद हमेशा याद करूँगा।

Essay on My School in Hindi [Long]

500 words Essay on My School in Hindi

पाठशाला हर एक व्यक्ति के जीवन में अपना अहम् भूमिका निभाती है। यदि कोई व्यक्ति पाठशाला से अच्छी तरह ज्ञान प्रयाप्त कर ले तो वह अपनी जिंदगी में कभी भी भूका नहीं सोयेगा। पाठशाला से पर्याप्त ज्ञान हमारे जीवन को कुसल बनाने के लिए प्रयाप्त होता है। सभी पाठशाला में से कोई न कोई छात्र आदर्श छात्र निकलते है और वही अपने माता पिता और अपने स्कूल का नाम रोसन कर देता है। इसलिए किसी भी इंसान के व्यक्तित्व को निखारने के लिए पाठशाला वेहद महवपूर्ण होता है।

मेरे पाठशाला का नाम सरसवती विद्या मंदिर है। यह बिजनौर जिले के एक गांव में स्थिर है। मेरा पाठशाला एक सरकारी पाठशाला है। मेरे पाठशाला मे दो-दो मंजिले दो बिल्डिंग है, जिसमे एक में सभी लड़के और दूसरी में सभी लड़की पढ़ती है। मेरा पाठशाला अधिक आकर्षिक है। मेरे पाठशाला के पीछे एक बड़ा सा मैदान है, जिसमे सभी छात्र छत्रे खेलते है।

मेरे पाठशाला का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक का है। मेरे पाठशाला में बहुत सारे कक्ष बने बने हुए है, जिसमे कुछ लेब, कंप्यूटर लेब, फिजिक्स लेब, केमिस्ट्री लेब, बायोलॉजी लेब, आदि बानी हुयी है और बाकी में छात्र पढाई करते है।

मेरे पाठशाला में बहुत सारे टीचर हमे पढ़ाते है और सभी टीचर ज्ञान से फरपुर है, जिससे हमें उत्तम लाभ प्रयाप्त होता है। मेरे पाठशाला में से परियोगिता होती है, जिसमे सभी छात्र भाग लेते है। हमारे पाठशाला में रंगोली बनाओ प्रतियोगिता, राखी बनाओ प्रतियोगिता, मेहँदी प्रतियोगिता, आदि तरह तरह की प्रतियोगिता मनाई जाती है। पाठशाला के सभी छात्र बड़े धूमधाम से प्रतियोगिता मानते है।

मेरे पाठशाला में पानी की और बाथरूम की व्यवस्था बहुत अच्छे से की गयी है। मेरे पाठशाला में हर समय पंखे इंतजाम रहता है। सभी टीचर बहुत अच्छे से व्यव्हार करते है और सभी को बहुत प्यार से पढ़ाते है।

मैं पाठशाला को जिंदगी भर याद रखूँगा और हमेशा इसका एहसान फरामोश रहूँगा।

10 Lines on Essay on My School in Hindi

Essay on My School in Hindi: मेरी पाठशाला पर निबंध

मेरे पाठशाला का नाम राजा भरत सिंह इंटर कॉलेज है।

मेरे पाठशाला में तीन मंजिले दो बिल्डिंग है, जिसमे एक बिल्डिंग में तो लड़किया पढ़ती है और दूसरी बिल्डिंग में सभी लड़के पढ़ते है।

मेरी पाठशाला के मुख्य द्वार पर एक बहुत बड़ा गेट है, जिसमे से सभी छात्र और अध्यापक अंदर आते और बहार जाते है।

मेरी पाठशाला में 9 अध्यापक और 4 अध्यापिका है, जो की हमें बहुत की प्यार से शिक्षित करती है।

मेरी पाठशाला के हेडमास्टर श्री सचिन राठी बहुत ही शांत दिमाग के इंसान है।

पाठशाला हर एक व्यक्ति के जीवन में अपना अहम् भूमिका निभाती है।

पाठशाला से पर्याप्त ज्ञान हमारे जीवन को कुसल बनाने के लिए प्रयाप्त होता है।

मेरे पाठशाला का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक का है।

मेरे पाठशाला में बहुत सारे टीचर हमे पढ़ाते है और सभी टीचर ज्ञान से फरपुर है।

मेरे पाठशाला में पानी की और बाथरूम की व्यवस्था बहुत अच्छे से की गयी है।

निष्कर्ष Conclusion:

पाठशाला हमारे जीवन को सफल बनाने में पहला स्थान प्रयाप्त करता है। यदि हमें शिक्षा प्रयाप्त करनी है तो हमें पाठशाला में जरूर जाना पड़ेगा।

आशा करते है आपको मेरी पाठशाला पर निबंध (Essay on My School in Hindi) पसंद आया होगा। अगर आप भी एक आदर्श विद्यार्थी की तरह दुसरो की मदद करना चाहते हो तो इसे अपने दोस्तों या अपने फेसबुक पर शेयर जरूर करना।

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