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Mathrubhumi Essay in Hindi

मातृभूमि पर निबंध | Mathrubhumi Essay in Hindi (1000+ Words)

मेरे प्यारे मित्रो, आज मैंने मातृभूमि पर निबंध(Mathrubhumi Essay in Hindi) बहुत ही सरल भाषा में लिखा है। ये निबंध बहुत सरल भाषा में लिखा गया है। ये निबंध सभी छात्रों के लिए मददगार साबित होगा। ये निबंध स्कूल में, कॉलेज में, और अधिकतर कॉम्पिटेशन एग्जाम देखने को मिलता है। अगर आप ये निबंध पूरा पढ़ते है, तो आपको सच में कही और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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Mathrubhumi Essay in Hindi

मेरी मातृभूमि पर निबंध: Mathrubhumi Essay in Hindi [SHORT]

Mathrubhumi Essay in Hindi (300+ Words)

मातृभूमि जैसे की नाम से ही पता चल रहा है माँ और भूमि। मातृ का मतलब माँ और भूमि का मतलब धरती अर्थात धर्तीमा। मातृभूमि वह होती है, जहा कोई भी इंसान जन्म लेता है। उसी मिटटी में खेल कूदकर बड़ा होता है। कोई व्यक्ति जहा पलकर बड़ा होता है, वही उसकी मातृभूमि होती है। भारत देश में लोग अपनी मातृभूमि से बहुत प्रेम करते है। भारत में लोग मातृभूमि को अपनी माँ मानते है। भारत में लोग अपनी मातृभूमि के लिए अपनी तक न्योछावर करने के लिए तैयार रहते है। सभी लोगो के लिए उसकी मातृभूमि शब्दों में बयान नहीं की सकती।

भारत एक ऐसा देश है, जहा धरती को अपनी मातृभूमि और मातृभूमि को अपनी माँ माना जाता है। भारत में हर एक इंसान अपनी मातृभूमि से बहुत प्यार करता है। भारत में सभी लोग अपनी मातृभूमि को अपनी माँ मानते है, और पूजते है। अपनी मातृभूमि के लिए अपनी जान भी त्यागने के लिए हमेशा तैयार रहते है। कहते है, की भारत में मातृभूमि कृषि क्षेत्र से सोना प्रयाप्त होता है। भारत ही मेरा मातृभूमि देश है। भारत में कई तरह की भाषा बोली जाती है। भारत देश में मैंने अच्छी संस्कृति और संस्कार प्रयाप्त किये है।

जिस भी देश में हम जन्म लेते है, वही हमारे लिए मातृभूमि कहलाती है। हमें अपनी मातृभूमि से बहुत लगाव होता है। मातृभूमि से ही हमारी पहचान होती है। बिना मातृभूमि के हमारी पहचान भिल्कुल अदृय्ष्य है। हम कही भी क्यों न चले जाये लेकिन हमें अपनी मातृभूमि की याद हमेशा आती है। हम सब अपनी मातृभूमि का कर्ज प्राण त्याग कर भी अदा नहीं कर सकते क्योकि मातृभूमि ही हमें संस्कार और संस्कृति सीखती है।

जो व्यक्ति अपनी मातृभूमि से बहुत अधिक प्रेम करता है, वह हमेशा कामयाबी की सीडी छूता है। हमें अपनी मातृभूमि की हमेशा सेवा करनी चाहिए।

मेरी मातृभूमि पर निबंध: Mathrubhumi Essay in Hindi [LONG]

Mathrubhumi Essay in Hindi (600+ Words)

मेरी मातृभूमि भारत देश है, क्योकि मैंने भारत में ही जन्म लिया है और भारत की मिटटी में ही खेल कूद कर बड़ा हुआ हु। मैं अपनी मातृभूमि से बेहद प्रेम करता हु। अगर मैं किसी और देश में जन्म लेता तो शायद मैं भारत जैसी संस्कृति और संस्कार कभी नहीं सिख पाता। मैं अपनी मातृभूमि अपनी माँ मानता हु और इसकी सेवा करता हु। मेरे भारत देश में बहुत राज्य और भाषाएँ है। भारत को ऋषि मुनि का देश भी कहाँ जाता है और यहाँ पर पर बहुत सारे महान व्यक्तियों ने जन्म लिया है। यह सभी तरफ से प्रकृति से घिरी हुयी है। मेरी मातृभाषा हिंदी है। मेरी मातृभूमि तरह के धर्म है और सभी राज्य अपनी अपनी विशेषताए रखते है।

मेरी मातृभूमि कृषि प्रधान देश है। यहाँ किसानो को अन्न देवता कहा जाता है। यहाँ पर किसानो को अधिक महत्वता दी जाती है। मेरी मातृभूमि अत्यंत आकर्षक और सुन्दर है। इसलिए इसे देखने हर साल बहुत सारे लोग विदेशो से यहाँ आते है। मेरी मातृभूमि के अधिकतर लोग गांव में रहते है। मेरी मातृभूमि एक लोकतंत्र देश है। यह शांति प्रेय देश है। मेरी मातृभूमि में बहुत सी नदिया है, बड़े बड़े पहाड़ स्थिर है। जिसने मेरी मातृभूमि को और अधिक सुन्दर बना दिया है।

भारत दुनिया के विशिस्ट देशो में से एक है। यह एशिया नमक महाद्धीप में स्थिर है, जो विश्व का सबसे बड़ा महाद्धीप भी है। मेरी मातृभूमि प्राचीन परंम्पराओं का देश है, जो मेरे दिल के बहुत करीब है। यहा अनेक भाषा और बोलियों को बोलने वाले लोग रहते है। मेरी मातृभूमि विविध्ता वाला देश है। हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई, मुस्लिम, आदि धर्मो को यहाँ एक समान दृस्टि से देखा जाता है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।

भारत की सभ्यता और संस्कृति दुनिया भर में विख्यात है। इसी से अभिभूत होकर लाखो विदेशी नागरिक प्रतिवर्ष यंहा घूमने के लिए आते है। यहाँ अनेक संत और महात्माओं ने जन्म लिया है। मेरा देश लोकतंत्र में विश्वास रखता है। भारत तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है।

भारत एक महान और सुन्दर देश है। भारत को विश्व गुरु भी कहा जाता है। भारत को हिंदुस्तान के नाम से भी जाना जाता है। हमारे भारत की राजधानी नई दिल्ली है। हम सभी भारतीयों के लिए हमारी मातृभूमि ही सर्वोपरि होती है। हमारी मातृभूमि हमें जल, फल, तथा रहने के लिए स्थान देती है। हमारी मातृभूमि पर राम, रहीम, कृष्ण, आदि महात्माओं ने जन्म लिया। हमारे देश का राष्ट्रीय झंडा तिरंगा है। मुझे गर्व है, की मेरी मातृभूमि भारत है।

प्रत्येक व्यक्ति अपनी मातृभूमि से बहुत प्यार करता है। अपनी माँ की गोद की तरह हम लोग इस धरती पर बड़े होते है। जन्म से हम जिस भाषा का प्रयोग करते है वही हमारी मातृभाषा है। हमारी मातृभाषा हम सभी के जीवन में एक मत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मातृभाषा के बिना किसी भी प्रकार की उन्नति संभव नहीं है।

हमारी मातृभूमि और माँ हमारे लिए स्वर्ग से भी बढ़कर है। इसने हमें जन्म दिया और इसकी मिटटी में हम खेल कूद कर बड़े हुए। इसके अन्न-जल से हमरा पालन पोषण होता है।

10 lines on Mathrubhumi Essay in Hindi

मातृ का मतलब माँ और भूमि का मतलब धरती अर्थात धर्तीमा।

भारत में लोग मातृभूमि को अपनी माँ मानते है।

भारत देश में लोग अपनी मातृभूमि से बहुत प्रेम करते है।

भारत में लोग मातृभूमि को अपनी माँ मानते है।

भारत में लोग अपनी मातृभूमि के लिए अपनी तक न्योछावर करने के लिए तैयार रहते है।

मेरी मातृभूमि कृषि प्रधान देश है।

यहाँ किसानो को अन्न देवता कहा जाता है।

भारत की सभ्यता और संस्कृति दुनिया भर में विख्यात है।

इसी से अभिभूत होकर लाखो विदेशी नागरिक प्रतिवर्ष यंहा घूमने के लिए आते है।

हमारी मातृभूमि और माँ हमारे लिए स्वर्ग से भी बढ़कर है।

निष्कर्ष : (Mathrubhumi Essay in Hindi)

मातृभूमि से ही हमारे जीवन की शुरुआत होती है। हम भारतीयों के लिए हमारी माँ और हमारी मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती है। हमारी मातृभूमि हमें संस्कार और संस्कृति दोनों सिखाती है। बिना मातृभूमि की हमारी कोई पहचान नहीं होती। हम सभी को अपनी मातृभूमि से अपनी माँ की तरह ही प्यार करना चाहिए क्योकि जन्म लेने के बाद हम इसकी मिटटी में ही खेल कूद कर बड़े होते है।

मेरी अंतिम बात: मैंने आज मेरी मातृभूमि पर बहुत सरल भाषा में निबंध(Mathrubhumi Essay in Hindi) लिखा है। आशा करता हु, की आपको ये निबंध पसंद आया होगा। कृपया इस निबंध को अपने फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सप्प पर शेयर जरूर करे।

धन्यबाद

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