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मेरे प्रिय अध्यापक पर निबंध | mera priya adhyapak essay in hindi

मित्रो आज मैंने मेरे प्रिय अध्यापक पर निबंध(Mera Priya Adhyapak essay in Hindi) बहुत सरल भाषा में लिखा है। इस निबंध में मैं आपको अध्यापक के बारे में कुछ बताऊंगा। ये निबंध सभी छात्रों के लिए मददगार साबित होगा। अधयापक के बारे में निबंध लिखते समय मुझे बहुत खुशी हो रही है, क्योकि जिसने मुझे पढ़ना सीखाया आज मैं कुछ उस के बारे में लिखूंगा। आप से अनुरोध है कृपया इस निबंध पूरा पढ़े।

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Mera Priya Adhyapak essay in Hindi [SHORT]

Mera Priya Adhyapak essay in Hindi (300+ words)

व्याख्या: (Mera Priya Adhyapak essay in Hindi)

मेरे प्रिय अध्यापक का नाम सुनील कुमार है। वह मुझे गणित और इंग्लिश दोनों विषय पढ़ाते है। उनकी उम्र लगभग 55 साल की होगी। मेरे प्रिय अध्यापक ने सुभारती यूनिवर्सिटी से msc कर रख्खी है। मेरे अध्यापक मुझे बहुत प्यार से पढ़ते है। मेरे अध्यापक उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर में रहते है। उनका स्वाभाव बहुत दयालु है और वे छोटे बच्चो को संभालना बहुत अच्छे से जानते है। उनके पढ़ाने का तरीका मुझे अच्छा लगता है। जब भी वह मुझे पढ़ाते है तो मुझे तुरंत समँझ में आ जाता है। पहले मैं गणित विषय में बहुत कमजोर था, लेकिन उनसे पढ़ने के बाद अब मुझे गणित बहुत हद तक समँझ में आने लगी है। वह मुझे स्कूल में पढ़ने के साथ साथ घर पर टूशन भी पढ़ते है। जब भी मैं किसी भी दुभिधा में फस जाता हु तो मैं उनके पास चला जाता हु। मेरे प्रिय अध्यापक हमेशा शर्ट पैंट पहनते है और ऊपर वाली जैव में लाल और नीला पेन भी रखते है। उनके बाल थोड़े थोड़े सफ़ेद हो गए है। वह स्कूल में रोज अपनी बाइक से आते है और कभी कभी मैं भी उनके साथ स्कूल आ जाता था। वे बहुत मधुर से बोलते है। उनके मधुर बोलने से छात्र ही नहीं उनके साथी भी आकर्षित होते है। मेरे अध्यापक कभी कभी हमें कहानी भी सुनते है, उनके कहानी हमेशा हमें प्रेरणा देती है।

मेरे प्रिय अध्यापक पढ़ाने के साथ साथ हमें बहुत सी एक्टिविटी करवाते है। हमेशा वे कहते है की कभी भी किसी का बुरा नहीं करना नहीं चाहिए। हमारे स्कूल के प्रिंसिपल टीचर भी मेरे प्रिय अध्यापक की बात मानते है। उनकी बात सुनकर मैं हमेशा पढ़ने लिए उत्तेजित हो उठता हु। मैं हमेशा चाहूंगा की जब भी मैं स्कूल में पढू तब तक मेरे प्रिय अध्यापक मुझए पढ़ते रहे।

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Mera Priya Adhyapak essay in Hindi [LONG]

Mera Priya Adhyapak essay in Hindi (600+ words)

शिक्षक और सड़क दोनों एक जैसी होती है, खुद तो वही रहती है जहा है, और सामने बाले को उनकी मंजिल तक पंहुचा देती है। अध्यापक एक मोमबत्ती की तरह हमरे जीवन में रोशनी लाते है। अध्यापक विद्यार्थी को पढ़ने के साथ साथ उसके अंदर सहन-शीलता, अनुशासित जीवन जीना, सही गलत, अच्छे बुरे में फर्क करना सिखाती है।

मेरे स्कूल में कई अध्यापक है, और मुझे सभी पसंद है। लेकिन उन सब में से मेरे सबसे प्रिय अध्यापक मेरे कक्षा शिक्षक है। उनका नाम मोहन सिंह है, उन्होने मैथ से msc करी है। वे हमें मैथ पढ़ाते है। उनका व्यक्तित्व बहुत आकर्षक है साथ ही उनके पढ़ाने का तरीका बाकी अध्यापको से बहुत अलग है। उनकी उम्र लगभग 40 वर्ष है। उनकी बड़ी बड़ी आँख, चौड़ा माथा, हलके हलके सफ़ेद बाल है। वे हमेशा स्कूल सफ़ेद शर्ट और काली पेंट में आते है। वह अपनी बाइक हीरो स्पेल्डर से स्कूल और टूशन आते है। उनका पढ़ाया हुआ मैं कभी भी नहीं भूलता। यु हमारे स्कूल में बहुत कुछ पढ़ने और जानने के लिए है, लेकिन मुझे मेरे प्रिय अध्यक से पढ़ कर बहुत अच्छा लगता है।

वह मुझे स्कूल में पढ़ने के साथ साथ घर पर टूशन भी पढ़ते है। मेरे आलावा भी बहुत से विद्यार्थी उन्हें अपना प्रिय अध्यापक मानते है। वह हमेशा उदहारण देकर हमें पढ़ाते है जिससे हमें जल्दी ज्ञात हो जाता है। उनसे सीखा हुआ कुछ भी हमें हमेशा याद रहता है। वह बहुत शांत इंसान है लेकिन उनका दिमाग बहुत चलता है।

मेरे प्रिय अध्यापक गणित विषय में सर्वज्ञानी है। जब भी मैं किसी भी सवाल पर अटक जाता था तो मैं उनके पास ही जाता था, और वे उस सवाल को बड़े ही आराम से हल कर देते थे। वह सभी छात्रों और सभी अध्यापको से प्यार से बात करते है। वह स्कूल में सबसे कम छुट्टी लेते है। उनका मकसद हमेशा कमजोर बच्चो को होसियार करना है। वे कभी भी स्कूल में आराम नहीं करते हमेशा कुछ न कुछ करते रहते है। हम सब उनके पढ़ाते समय शांत होकर समनझते है। वे कभी कभी सभी छात्रों को प्रेरणा देने वाली कहानी सुनाते है।

कभी कभी वे पढ़ते समय मनोरंजन भरी बाते भी करते है। हमें हमारे भविष्य के लिए हमें मार्गदर्शन करते है। मेरे मित्र भी मेरे प्रिय अध्यापक को बहुत पसंद करते है, क्योकि वे बहुत अच्छे से पढ़ाते है। स्कूल में पढ़ाने के बाद वे हमें टूशन भी पढ़ाते है। उनके पास घमंड कभी भी नहीं दीखता। वे हमेशा दूसरे की मदद लिए हमेशा उत्तेजित रहते है। वह रोज व्यायाम करने के लिए भी हमें हमेशा प्रेरित करते है। वे हमें अपनों से बड़े का सम्मान करना सिखाते है। वे अध्यापको से बिलकुल विभिन्न है। वे दूसरे अध्यापको के मुकाबले बहुत काम फीस लेते है। वह हमारे साथ एक मित्र की तरह भी रहते है। वह सभी विद्यार्थी से निम्रता से बात करते है।

उनके द्वारा सीखे हुआ मैं हमेशा अपने पास रखूँगा और हमेशा उनका आभारी रहूँगा। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता के साथ साथ अपने प्रिय अध्यपक को भी दूंगा।

10 Lines on Mera Priya Adhyapak essay in Hindi

मेरे प्रिय अध्यापक का नाम सुनील कुमार है।

वह मुझे गणित और इंग्लिश दोनों विषय पढ़ाते है।

मेरे अध्यापक उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर में रहते है।

मेरे प्रिय अध्यापक पढ़ाने के साथ साथ हमें बहुत सी एक्टिविटी करवाते है।

वह मुझे स्कूल में पढ़ने के साथ साथ घर पर टूशन भी पढ़ते है।

वह मुझे स्कूल में पढ़ने के साथ साथ घर पर टूशन भी पढ़ते है।

वह हमेशा उदहारण देकर हमें पढ़ाते है जिससे हमें जल्दी ज्ञात हो जाता है।

हमें हमारे भविष्य के लिए हमें मार्गदर्शन करते है।

कभी कभी वे पढ़ते समय मनोरंजन भरी बाते भी करते है।

मेरे प्रिय अध्यापक गणित विषय में सर्वज्ञानी है।

मेरे विचार:- मैंने आपको मेरे प्रिय अध्यापक पर निबंध(Mera Priya Adhyapak essay in Hindi) बहुत सरल भाषा में बताया है। आशा करता हाउ आपको ये निबंध आपको पसंद आया होगा। कृपया आप इस आर्टिकल को अपने फेसबुक या व्हाट्सप्प पर शेयर जरूर करे।

धन्यबाद

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