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nari shiksha par nibandh

नारी शिक्षा पर निबंध – nari shiksha par nibandh – Essay on women education

नमस्कार मित्रो, इस आर्टिकल में हमने नारी शिक्षा पर निबंध बहुत ही सुन्दर तरीके से लिखा है। यह निबंध सभी तरह के विद्यार्थी के लिए उपयोगी साबित होगा। इस article में nari shiksha par nibandh बहुत सरल भाषा में लिखने की कोशिश की है।

नारी शिक्षा पर निबंध 300 शब्दों में || nari shiksha par nibandh

अकसर कहा जाता हैं की अगर किसी घर में सिर्फ एक नारी पढ़ी लिखी हो तो वह आने वाली 10 पीढ़ियों को काबिल बना सकती है। नारी हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है, इसके बिना हम समाज की कल्पना भी नहीं कर सकते। नारी के कई रूप है, वह मां , बहन ,बेटी, बहू आदि के  सभी कर्तव्य बखूबी निभाती है नारी इस सृष्टि की जननी है, पर शिक्षा के अभाव में उसे ना जाने कितनी तकलीफों  से गुजरना पड़ता है। शिक्षित ना होने के कारण उसे अपने अधिकारों का ज्ञान नहीं होता। उसे तरह-तरह के सामाजिक शोषण सहने पड़ते हैं। शिक्षा हर व्यक्ति का जन्म सिद्ध अधिकार है। इससे उसे वंचित नहीं किया जा सकता। शिक्षित नागरिकों से शिक्षित समाज  का निर्माण होता है।

नारी शिक्षा समाज का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, किसी भी समाज या देश की तरक्की के लिए नारी का शिक्षित होना बहुत जरूरी है, जो हमारे समाज के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।  किसी भी देश के विकास के लिए बेहद जरूरी है, कि वहां की महिलाएं शिक्षित हो ताकि वह भी अपने देश में तरक्की के लिए योगदान दे सकें । यदि कोई नारी शिक्षित हो तो उसे  आमतौर पर अधिक सम्मान, अधिक ज्ञान और आगे बढ़ने के मौके मिलते हैं। एक सभ्य समाज को स्थापित करने में अपना योगदान देती है। इसलिए, नारी शिक्षा का महत्व वर्तमान समय में अधिक बढ़ गया है।, ऐसे परिवार अक्सर समाज में पीछे रह जाते हैं , जिनमें नारी शिक्षित नहीं होती। शिक्षा ज्ञान की कमी के कारण उन्हें काम करने के अच्छे अवसर नहीं प्राप्त हो पाते जिसके कारण बहुत बार उनकी माली हालत बहुत ज्यादा खराब हो जाती है। वह आत्मनिर्भर नहीं बन पाती इसलिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है और अपने जीवन पालन के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाने पड़ते हैं, जिसके कारण बहुत बार उनका शोषण भी किया जाता है। आज भी गांव देहात में नारी शिक्षा का बहुत ज्यादा महत्व नहीं है और इस पर ज्यादा बात भी नहीं की जाती है।

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नारी शिक्षा पर निबंध 500 शब्दों में

आज के शिक्षित समाज में शिक्षा का महत्व काफी बढ़ गया है। एक शिक्षित महिला समाज में सम्मान से सर उठाकर जीती है। घर परिवार का भरण पोषण करने में भी पूरी सहायक होती है।

आज शिक्षित महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं। पढ़ी लिखी महिलाएं डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करती है ,पायलट बन कर देश रक्षा में सहायता करती है ,अध्यापिका बनकर समाज को शिक्षित करती हैं, देश की सीमाओं पर खड़ी होकर पहरा देती है, देश की बड़ी-बड़ी अदालतों में बैठकर न्याय करती है । आज की शिक्षित नारी देश के हर क्षेत्र में कार्यरत है। इस समय में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां महिलाएं अपना योगदान ना दे रही हो ,बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं जिन्होंने पूरे विश्व में अपने देश का नाम रोशन किया है और सब को गौरवान्वित किया हो। जिनमें से कुछ बड़े नाम जैसे कल्पना चावला, साइना नेहवाल ,सानिया मिर्जा , इंदिरा गांधी, सरोजिनी नायडू ,द्रौपदी मुरमू आदि है।

 शिक्षा के दम पर आज नारी ने अपनी  कामयाबी का परचम फहराया है। पूरे विश्व में अपनी ताकत का डंका बजाया है। आज की शिक्षित व समझदार नारी अपनी सूझबूझ से समाज और देश को सुचारू रूप से चलाने में मददगार साबित होती है। वह किसी पर आश्रित नहीं है, बल्कि समाज में कंधे से कंधा मिलाकर चलती है, घर और बाहर की जिम्मेदारी बखूबी निभाती है।  

नारी को शिक्षित करना हम सब की जिम्मेदारी है। इसके लिए देश के हर छोटे बड़े गांव कस्बे दूरदराज इलाकों में अच्छे विद्यालयों का होना जरूरी है।   भारत में अधिकांश महिलाएं नारी शिक्षा की कमी के कारण अपने सपनों  को कभी पूरा नहीं कर पाती हैं।  अपनी इच्छा अनुसार वह कभी जी नहीं पाती। इससे उन्हें  अधिकारहीनता और अस्वतंत्रता महसूस करनी पड़ती है। इसलिए नारी शिक्षा की आवश्यकता को समझना हम सभी के लिए आवश्यक है। आवश्यक है, कि पूरे  समाज के हर वर्ग को इसके लिए जागरूक किया जाए।

हमारे देश की सरकार ने नारी शिक्षा के महत्व को बढ़ाने के लिए काफी उपयोगी कदम उठाए हैं। सरकार द्वारा ऐसी बहुत सी योजनाएं लागू की जाती है जिससे नारी का सशक्तिकरण किया जा सके। नारी के लिए बहुत से पद आरक्षित भी किए जाते हैं, ताकि वह समाज में ज्यादा सुरक्षित महसूस कर सकें बीते सालों में बहुत सारे अच्छे विद्यालयों की स्थापना की गई है, जिनमें लड़कियों के लिए बहुत सी सुविधाएं दी जाती है जैसे मुफ्त की किताबें  खाना ,यूनिफॉर्म और कुछ धनराशि भी दी जाती है।

नारी शिक्षा का महत्व बढ़ाने के लिए हमें नारी शिक्षा के लिए संसाधन जोड़ने और उपलब्ध कराने की जरूरत है। सरकार को नारी शिक्षा के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है, जिससे नारी शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सके। संगठनों और समाज के अन्य संस्थाओं को , साथ में मिलकर नारी शिक्षा के लिए कार्य करना चाहिए तथा जागरूकता फैलाने चाहिए अगर देश की नारी शिक्षित होगी तो बहुत सी कुप्रथा के ऊपर रोक लगाना भी आसान होगा। आज भी देश में दहेज के लालच में लड़कियों को जलाया जाता है, वहीं पर एक पढ़ी-लिखी शिक्षित महिला अपने हक के लिए लड़ना जानती है और वह दहेज को ना भी कह सकती है।

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नारी शिक्षा पर निबंध 200 शब्दों में || nari shiksha par nibandh

भारत में बहुत सी कुरीतियां और कु प्रथाएं आज भी प्रचलित है, जिसका प्रभाव कहीं ना कहीं नारी शिक्षा पर आज भी दिखता है। सदियों से इस पुरुष प्रधान समाज में नारी को अपना गुलाम बना कर रखा उससे उसके अधिकार छीन लिए गए नारी चाहे ऊंची जाति की हो या नीचे जाति की उसे पढ़ने का अधिकार नहीं था, आज भी गांव देहात के दूरदराज इलाकों में विद्यालयों की इतनी कमी पाई जाती है। जो कि एक मुख्य कारण है। नारी शिक्षा के अभाव का कभी कभार विद्यालय घर से इतनी दूर होते हैं, कि लड़कियों के लिए अकेले वहां जाना आना संभव नहीं होता। गरीबी के कारण भी अक्सर लड़कियों की पढ़ाई बीच में ही छुड़वा दी जाती है। कम उम्र में लड़कियों का विवाह कर देने से भी उनकी पढ़ाई अधूरी रह जाती है, जिसको पूरा करने पर ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता।

नारी शिक्षा का अर्थ क्या है।

शिक्षा का अर्थ है, शिक्षित होना नारी शिक्षा से तात्पर्य है, कि नारी का शिक्षित होना शिक्षा हर इंसान का अधिकार है, परंतु इस पुरुष प्रधान समाज में नारियों की शिक्षा पर ज्यादा जोर नहीं दिया जाता। जो कि एक पिछड़ेपन की विचारधारा है, जिसे हमें बदलने की जरूरत है।

नारी शिक्षा से समाज पर क्या असर पड़ता है

नारी समाज का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जिसके बिना समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती। एक शिक्षित नारी अपने परिवार को शिक्षित बनाती है और वही परिवार के लोग मिलकर समाज बनाते हैं। जब समाज शिक्षित होता है, तो देश शिक्षित होता है और आगे बढ़ता है।

नारी शिक्षा का महत्व पर निबंध

आज के युग में नारी का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। बिना नारी के शिक्षित हुए देश के आगे बढ़ने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। एक शिक्षित नारी अपनी समझदारी और सूझबूझ से सही फैसले लेने में सक्षम होती है। मैं वह ज्यादा सुरक्षित महसूस करती है। आज देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में भी योगदान देती है।

क्या शिक्षा का महत्व सिर्फ महिलाओं के लिए है

आज के युग में शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी किसी महिला के लिए देश के समाज के हर वर्ग के हर व्यक्ति को शिक्षित होना अनिवार्य है।

निष्कर्ष

शिक्षा हमारी सच्ची मित्र है, इस संसार में हर चीज चोरी हो सकती है, परन्तु आपकी शिक्षा का क्या नाम से कभी दूर नहीं हो सकता ना ही उसे कोई चुरा सकता है। एक स्वास्थ्य सशक्त और सुदृढ़ समाज के लिए आवश्यक है, नारी का शिक्षित होना।

अंतिम शब्द– इस आर्टिकल में आपने nari shiksha par nibandh पढ़ा। आशा करते हैं, आपको ये निबंध पसंद आया होगा। इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे।

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