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पर्यावरण पर निबंध (1500+ शब्द) – paryavaran par nibandh

नमस्कार मित्रो, इस आर्टिकल में हमने पर्यावरण पर एक सुन्दर निबंध लिखा है। यह निबंध एकदम सरल और आसान भाषा में लिखा गया है। यह निबंध सभी तरह के छात्रों जैसे स्कूल के, कॉलेज के, या किसी भी कम्पटीशन एग्जाम के छात्रों को ध्यान में रखकर लिखा गया है। इस निबंध को पूरा पढ़ने के बाद आपको कही ओर paryavaran par nibandh खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पर्यावरण पर निबंध 500 शब्द

पर्यावरण हमारे जीवन का मूलाधार है यह हमारी पृथ्वी के चारों तरफ वह आवरण है जिसके बिना किसी भी प्राणी मात्र का जीवित रहना नामुमकिन है पर्यावरण वह संसार है जो हमारे आस-पास हर तरफ  है। पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है परि और आवरण यानी हमें जिसने चारों तरफ से घेर रखा हो  यानी जो हमारे चारों तरफ है पर्यावरण के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती पर्यावरण एक प्राकृतिक बनावट है जो अनेक प्रकार के प्राकृतिक तत्वों से मिलकर बना होता है पर्यावरण मूलतः प्रकृति की देन है। यह भूमि, वन, पर्वतों, झरने, रेगिस्तान,समंदर, मैदानों, घास, रंग-बिरंगे पशु पक्षी, स्वच्छ जल से भरी लहलहाती झीलों और सरोवरों से भरा है।

हमारे पूरे सौरमंडल के ग्रहों में सिर्फ पृथ्वी ही एकलौता ऐसा ग्रह है जहां जीवन संभव है। इसका कारण यहां का पर्यावरण है। प्राणियों को जीवन जीने के लिए जिन वस्तुओं की आवश्यकता होती है वह उसे प्राकृतिक रूप से पर्यावरण से प्राप्त होती है जैसे सांस लेने के लिए शुद्ध हवा, पेट भरने के लिए अन्न, प्यास बुझाने के लिए जल, जीव जंतुओं के रहने के लिए पेड़ पौधे इत्यादि। 

आज पूरे विश्व में पर्यावरण के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है, यह खतरा भी मानव जाति द्वारा उत्पन्न किया गया है अत्यधिक

प्रदूषण, जंगलों का कटाव, जलवायु परिवर्तन, विकास के नाम पर प्रकृति से खिलवाड़, जनसंख्या की वृद्धि, बड़ी-बड़ी इमारतों का निर्माण सड़कों पर भागती गाड़ियों से निकलता जहरीला धुंआ इससे जुड़ी समस्याएं पर्यावरण को खतरे में  डाल रही है। 

संपूर्ण मानव जाति को पर्यावरण की अहमियत समझनी चाहिए और पर्यावरण के संरक्षण के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हमें समझना पडेगा कि  मनुष्य की गतिविधियों का हमारे पर्यावरण पर क्या असर होता है। हमारे द्वारा किया गया हर छोटे से छोटा कार्य हमारे पर्यावरण पर कुछ न कुछ  असर जरूर डालता है हमें पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सामाजिक जागरूकता और शिक्षा की आवश्यकता होती है 

पर्यावरण पर निबंध 1000 शब्द

परिचय:

पर्यावरण हमारे जीवन का मूलाधार है यह हमारी पृथ्वी के चारों तरफ वह आवरण है जिसके बिना किसी भी प्राणी मात्र का जीवित रहना नामुमकिन है पर्यावरण वह संसार है जो हमारे आस-पास हर तरफ  है। पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है परि और आवरण यानी हमें जिसने चारों तरफ से घेर रखा हो  यानी जो हमारे चारों तरफ है पर्यावरण के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती पर्यावरण एक प्राकृतिक बनावट है जो अनेक प्रकार के प्राकृतिक तत्वों से मिलकर बना होता है पर्यावरण मूलतः प्रकृति की देन है।

पर्यावरण का महत्व:

पर्यावरण हमारे आसपास की स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल, प्रदूषण तथा वृक्ष आदि सभी से मिलकर बनता है, पर्यावरण में पाई जाने वाली हर चीज किसी न किसी रूप में एक दूसरे से जुड़ी हुई है और जाने अनजाने एक दूसरे पर असर डालती है  । प्राणी और पर्यावरण एक-दूसरे पर पूरी तरह निर्भर होते हैं।  पर्यावरण  में अगर कोई भी बदलाव होता है तो उसका सीधा सीधा असर मनुष्य के शरीर और उसके स्वास्थ्य पर होता है पर्यावरण में प्रदूषण के कारण मनुष्य को बहुत से परेशानियों का सामना करना पड़ता है पर्यावरण प्रदूषित होने के कारण मनुष्य को बहुत सी बीमारियां घेर रही है जैसे सांस का रोग, पेट के रोग, आंखों के रोग आदि। 

यदि प्राणी मात्र को इस पृथ्वी पर जीवित रहना है तो उसे पर्यावरण को भी जीवित और संरक्षित रखना पड़ेगा पर्यावरण हमारी जीवन का एक अभिन्न अंग है प्राणी मात्र की बुरी आदतों के कारण प्रकृति को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कहीं ना कहीं मनुष्य को ही करनी पड़ती है

मनुष्य की  कुछ बुरी आदतें जैसे जल स्रोत दूषित करना, पानी की बर्बादी करना, वृक्षों की अत्यधिक मात्रा में कटाई करके इमारतें बनाना और विकास कार्य करना आदि पर्यावरण को बुरी तरह से प्रभावित करती है। जिसका नतीजा बाद में मानव को प्राकर्तिक आपदाओं के रूप में  भुगतना ही पड़ता है। 

पर्यावरण और प्रकृति :

यह दोनों एक दूसरे के पर्याय है पर्यावरण के जैविक संघटकों में सूक्ष्म जीवाणु से लेकर छोटे बड़े  कीड़े-मकोड़े, सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधों के अलावा उनसे जुड़ी सारी जैव क्रियाएं और प्रक्रियाएं भी शामिल हैं। जबकि पर्यावरण के अजैविक संघटकों में निर्जीव तत्व और उनसे जुड़ी कई प्रक्रियाएं शामिल हैं, जैसे: पहाड़, चट्टानें, नदियाँ, जंगल,हवा और जलवायु के तत्व इत्यादि। सामान्य अर्थों में यह हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले सभी जैविक और अजैविक तत्वों, तथ्यों, प्रक्रियाओं और घटनाओं से मिलकर बनी इकाई है। यदि आसान शब्दों को कहा जाए तो हमारा जीवन पूर्ण रूप से पर्यावरण पर आश्रित है मनुष्य और पर्यावरण एक दूसरे पर गहरा प्रभाव डालते हैं

हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है इसकी शुरुआत 1972 में 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन से हुई। 5 जून 1973 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।

पहली बार पर्यावरण दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किया गया था पर्यावरण दिवस मनाने के पीछे मुख्य कारण विश्व में पर्यावरण की अहमियत को समझाना है और विश्व को जागृत करना ताकि हम अपने पर्यावरण के प्रति थोड़े संवेदनशील हो जाएं और अपने फायदे के लिए पर्यावरण को दूषित ना करें  

पर्यावरण को बचाने के उपाय:

पर्यावरण को बचाने के लिए विश्वव्यापी सर पर जागरूकता फैलाई जानी चाहिए ,पर्यावरण को बचाने के लिए हर छोटे-बड़े उपाय अपनाने चाहिए ,ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए ,पानी की बर्बादी को बचाना चाहिए, गाड़ियों का कम इस्तेमाल करके पैदल या साइकिल से चलना चाहिए ,पर्यावरण फ्रेंडली इमारतों का निर्माण करना चाहिए और ऐसे नए-नए तरीके खोजे जाने चाहिए जिससे हम अपने पर्यावरण को संरक्षित करके रख सके। 

निष्कर्ष:

 पर्यावरण को बचाना किसी भी देश की सिर्फ सरकार का कार्य नहीं है यह हर प्राणी मात्र की जिम्मेदारी है कि जिस पर्यावरण में वह जीवित है वह सांस लेता है जिससे वह अपने खाद्य आपूर्ति करता है उस पर्यावरण का ध्यान रखा जाए और हमें ऐसे साधन तलाशने चाहिए जो हमारी प्रकृति को कम से कम नुकसान पहुंचाएं और हमें अपने आसपास सब को जागरूक करना चाहिए कि हमें प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। 

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अंतिम शब्द- इस आर्टिकल में आपने paryavaran par nibandh पढ़ा। आशा करते है, आपको ये निबंध पसंद आया होगा। इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे।

FAQS

1. पर्यावरण का महत्व क्या है?

पर्यावरण प्राणी जीवन के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है यदि पर्यावरण नहीं होगा तो मनुष्य जीवित नहीं रह सकता पर्यावरण में प्राणी मात्र की जरूरत की हर चीज उपलब्ध है। 

2. पर्यावरण किन-किन चीजों को मिलाकर बनता है?

पर्यावरण बहुत सी चीजों को मिलकर बनता है जैसे हमारे आस पास जो भी चीजें प्राकृतिक रूप से उपलब्ध है वह पर्यावरण का हिस्सा है जैसे पेड़-पौधे ,जीव जंतु ,कीड़े मकोड़े जल ,नदियाँ, झरना ,समंदर ,रेगिस्तान  आदि।

3. किस चीज से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है?

मनुष्य के स्वार्थी स्वभाव में प्रकृति व पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है हम अपने स्वार्थ के लिए जंगलों को काटकर बड़ी इमारतें बनाते हैं नदियों को दूषित करते हैं और जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंचाते हैं जल की बर्बादी करते हैं।

4. पर्यावरण को बचाने के उपाय क्या है?

पर्यावरण को बचाना किसी भी देश की सिर्फ सरकार का कार्य नहीं है यह हर प्राणी मात्र की जिम्मेदारी है कि जिस पर्यावरण में वह जीवित है वह सांस लेता है जिससे वह अपने खाद्य आपूर्ति करता है उस पर्यावरण का ध्यान रखा जाए और हमें ऐसे साधन तलाशने चाहिए जो हमारी प्रकृति को कम से कम नुकसान पहुंचाएं और हमें अपने आसपास सब को जागरूक करना चाहिए कि हमें प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।

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