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yadi main shiksha mantri hota essay in hindi

यदि मैं शिक्षामंत्री होता पर निबंध | yadi main shiksha mantri hota essay in hindi

नमस्कार मित्रो, मैंने आज के इस आर्टिकल में \’यदि मैं शिक्षामंत्री होता\’ पर निबंध(yadi main shiksha mantri hota essay in hindi) बहुत सरल भाषा में लिखा है। ये निबंध सभी छात्रों तरह के छात्रों को ध्यान में रखकर लिखा गया है और मैं आपको विश्वास दिलाता हु, आपको इससे अच्छा निबंध पुरे इंटरनेट पर कही और नहीं मिलेगा। हमने सभी निबंध को एक बार देखकर और एनालिसिस करके ये निबंध बहुत समय लगाकर लिखा है। इस निबंध में कोई भी फालतू की बात नहीं की गयी। ये निबंध 1000 शब्दों से अधिक में लिखा गया है।

yadi main shiksha mantri hota– शिक्षा मंत्री यह पद बहुत ही महतवपूर्ण होता है। एक नया देश का नया समाज बनाने एक चरित्रवान नागरिक बनाने की जिम्मेदारी शिक्षामंत्री की होती है। ऐसे ही नागरिको में देश प्रेम की भावना कूट-कूट कर भरी होती है। यदि मैं शिक्षामंत्री होता तो यह जिम्मेदारी अच्छे से निभाता और शिक्षा जगत में भरपूर योगदान देता।

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yadi main shiksha mantri hota essay in hindi

yadi main shiksha mantri hota essay in hindi for all students

शिक्षा मंत्री का पद हमारे पुरे देश के लिए और सभी छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। शिक्षा मंत्री बनने के बाद बहुत सी जिम्मेदारी का सामना करना पड़ता है। सही शिक्षा प्रणाली राष्ट्र और समाज का आधार है। देश में सही शिक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की होती है। शिक्षा संबंधी सभी प्रमुख फैसले लेने का अधिकार शिक्षामंत्री का होता है।

यदि मैं शिक्षा मंत्री होता तो शिक्षा क्षेत्र में अपने दायित्व को गंभीरता से निभाता और शिक्षा क्षेत्र में जरूरी बदलाव लाने का प्रयास करता। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी वर्ग को ध्यान में रखते हुए फैसले लेता। शिक्षा के केंद्रबिंदु विद्यार्थियों के बैग के बोझ को कम करता। जब भी मैं अपनी पढाई करते करते थक जाता हु, तब मेरे मन मैं ख्याल आता है, की काश मैं शिक्षा मंत्री होता तो कितना अच्छा होता। मैं सभी की शिक्षा बहुत आसान कर देता।

यदि मैं शिक्षा मंत्री होता तो सबसे पहला काम तकनीकी और कंप्यूटर शिक्षा पर अधिक जोर देता। एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था बनाता जिस में छात्र अपनी शिक्षा के साथ साथ अपना जीवन निर्वाह भी चला सके अर्थात उनको रोजगार भी मिल जाए। यदि मैं शिक्षा मंत्री होता तो व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहन देता। ऐसा इसलिए भी के युवा, नौजवान पढ़ लिखकर भी बेरोजगार न रह जाए।

यदि मैं शिक्षा मंत्री होता तो शिक्षाको को विद्यालय में अधिक से अधिक पढ़ाने का आदेश देता। ऐसा इसलिए भी की देखा गया है की शिक्षक छात्रों पर टूशन लेने के दबाब बनाते है। मैं इस पर रोक लगा देता। यदि मैं शिक्षा मंत्री होता तो छात्रों के सम्पूर्ण विकास पर जोर देता। छात्रों को वोकेशनल कोर्स, पौधे लगाना और सांस्कृति कार्यक्रम से ले कर हर कार्यक्रम में विद्यार्थियों का भाग लेना अनिवार्य करता। छात्रों को शिक्षा लेने में रूकावट ना आए इसलिए शिक्षा को निःशुल्क करता और साथ ही साथ छात्रवृति उपलब्ध करवाता।

यदि में शिक्षा मंत्री होता तो छात्रों के लिए संतुलित पाठ्यक्रम निर्माण करता और विद्यार्थियों को अपनी मर्जी से कोई भी भाषा में शिक्षा लेने की अनुमति देता। जिससे अभिभावक और छात्र अपनी मातृभाषा में शिक्षा के प्रति अपना निर्णय लेते।

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आज भी गांव में उच्च शिक्षा और कॉलेज की व्यवस्था नहीं है, यदि मैं शिक्षा मंत्री होता तो गांव में उच्च शिक्षा और कॉलेज की व्यवस्था कराता जिस से विद्यार्थी की समय की बचत होती। जो विद्यार्थी काबिल है उनके लिए छात्र वृत्ति का प्रबंध कराता ताकि वह विद्यार्थी आगे की पढ़ाई में उसका उपयोग कर के बेहतर शिक्षा प्रयाप्त करके अपने पसंद की नौकरी कर सके।

(yadi main shiksha mantri hota essay in hindi)

यदि मैं शिक्षा मंत्री होता तो सोच समँझ कर सही फैसला लेता शिक्षा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ देता जिस के लिए शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा का प्रशिक्षण देता। विद्यार्थियों के सम्पूर्ण विकास में खेल का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, यदि मैं शिक्षा मंत्री होता तो विद्यालय को खेल की सब सामग्री प्रयाप्त कराता और खेल पर उचित ध्यान देने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण देता। ताकि विद्यार्थी अपने आप को राज्य और राष्ट्र स्तर पर अपने आप को साबित कर सके। शिक्षा से जुड़े हुए सभी वर्गों की और ख़ास तौर पर शिक्षकों की जो भी समस्या है उसका निराकरण करने का पूरा प्रयास करता।

10 Lines on yadi main shiksha mantri hota essay in hindi

शिक्षा मंत्री का पद हमारे पुरे देश के लिए और सभी छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।

शिक्षा मंत्री बनने के बाद बहुत सी जिम्मेदारी का सामना करना पड़ता है।

सही शिक्षा प्रणाली राष्ट्र और समाज का आधार है।

देश में सही शिक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की होती है।

शिक्षा संबंधी सभी प्रमुख फैसले लेने का अधिकार शिक्षामंत्री का होता है।

यदि मैं शिक्षा मंत्री होता तो शिक्षा क्षेत्र में अपने दायित्व को गंभीरता से निभाता और शिक्षा क्षेत्र में जरूरी बदलाव लाने का प्रयास करता।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी वर्ग को ध्यान में रखते हुए फैसले लेता।

शिक्षा के केंद्रबिंदु विद्यार्थियों के बैग के बोझ को कम करता।

जब भी मैं अपनी पढाई करते करते थक जाता हु, तब मेरे मन मैं ख्याल आता है, की काश मैं शिक्षा मंत्री होता तो कितना अच्छा होता। मैं सभी की शिक्षा बहुत आसान कर देता।

यदि मैं शिक्षामंत्री होता तो यह जिम्मेदारी अच्छे से निभाता और शिक्षा जगत में भरपूर योगदान देता।

Conclusion:(yadi main shiksha mantri hota essay in hindi)

शिक्षा मंत्री यह पद बहुत ही महतवपूर्ण होता है। एक नया देश का नया समाज बनाने एक चरित्रवान नागरिक बनाने की जिम्मेदारी शिक्षामंत्री की होती है। ऐसे ही नागरिको में देश प्रेम की भावना कूट-कूट कर भरी होती है। यदि मैं शिक्षामंत्री होता तो यह जिम्मेदारी अच्छे से निभाता और शिक्षा जगत में भरपूर योगदान देता।

अंतिम शब्द: इस आर्टिकल में आज मैंने यदि मैं शिक्षामंत्री होता पर निबंध(yadi main shiksha mantri hota essay in hindi) बहुत सरल भाषा में लिखा है। आशा करते है, आपको ये निबंध पसंद आया होगा। इस आर्टिकल को अपने सभी दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे।

धन्यबाद

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